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    सुप्रीम कोर्ट ने स्कूल-कॉलेज, अस्पताल और दूसरी इमारतों से आवारा कुत्तों को हटाने का दिया आदेश, हाईवे से गाय-बैल को हटाने के लिए भी कहा

    3 weeks ago

    आवारा कुत्तों और दूसरे पशुओं को लेकर सुप्रीम कोर्ट ने एक अहम आदेश दिया है. कोर्ट ने सभी शैक्षणिक संस्थानों, हॉस्पिटल, बस डिपो, रेलवे स्टेशन, सरकारी दफ्तरों और स्पोर्ट्स कॉम्पलेक्स से आवारा कुत्तों को हटाने के लिए कहा है. इसके साथ ही कोर्ट ने हाईवे और एक्सप्रेसवे से आवारा गाय-बैल को भी हटाने के लिए कहा है.

    जस्टिस विक्रम नाथ, जस्टिस संदीप मेहता और जस्टिस एन वी अंजारिया की बेंच ने सभी राज्य सरकारों और संबंधित संस्थाओं से 8 हफ्टे में इस आदेश का पालन करने के लिए कहा है. मामले की अगली सुनवाई 13 जनवरी को होगी.

    आवारा कुत्तों पर कोर्ट ने यह आदेश दिया है :-

    • सभी आवारा कुत्तों को सार्वजनिक संस्थानों और परिसरों से हटाया जाए.
    • एनिमल बर्थ कंट्रोल रूल्स, 2023 के तहत हटाए गए कुत्तों का स्टरलाइजेशन (नसबंदी) और वैक्सिनेशन (टीकाकरण) किया जाए.
    • कुत्तों को वापस उसी जगह पर नहीं छोड़ा जाए. उन्हें शेल्टर होम में रखा जाए
    • इस आदेश के पालन की जिम्मेदारी नगर निगम, पंचायत या स्थानीय निकाय की होगी.
    • सभी राज्य 2 सप्ताह के भीतर ऐसे संस्थानों और परिसरों की लिस्ट तैयार करें जो कोर्ट की तरफ से बताई गई श्रेणी में आते हैं.
    • हर संस्था अपने यहां एक नोडल अधिकारी नियुक्त करे जो परिसर की स्वच्छता और आवारा कुत्तों की रोकथाम की निगरानी करेगा.
    • उस अधिकारी का नाम और संपर्क का नंबर प्रवेश द्वार पर प्रदर्शित किया जाए.
    • स्थानीय निकाय हर 3 महीने में निरीक्षण कर सुनिश्चित करें कि परिसर में कोई कुत्ता न रहे.

    दूसरे पशुओं के लिए आदेश
    इसके साथ ही सुप्रीम कोर्ट ने सड़कों पर आवारा गाय-बैल को लेकर राजस्थान हाई कोर्ट के आदेश को पूरे देश में लागू करने के लिए कहा है. कोर्ट ने कहा है कि सड़क और हाईवे पर घूमने वाले आवारा पशुओं को हटाने की जिम्मेदारी राज्य सरकारों की है. राज्य सरकारें इसके लिए गश्ती दल का गठन करें, जो लगातार सड़कों की निगरानी करे. हेल्पलाइन नंबर भी जारी किया जाए, जिसमें लोग सड़क पर आवारा पशुओं की जानकारी दे सकें. इन पशुओं के लिए गौशाला समेत दूसरे स्थायी आश्रय गृह बनाए जाएं.

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