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    सिंधु जल पर भारत ने दिखाई आंख तो PAK में हाहाकार, घुटनों पर आयी शहबाज सरकार, नई दिल्ली से की ये अपील

    15 hours ago

    सिंधु जल संधि (IWT) को लेकर भारत के कड़े रुख के बाद पाकिस्तान बिलबिला रहा है. शहबाज सरकार में सिंधु जल आयुक्त सैयद मोहम्मद मेहर अली शाह ने मंगलवार (30 जून 2026) को कहा कि पाकिस्तान के लिए सिंधु जल संधि का मुद्दा नेशनल सिक्योरिटी का मामला है. उन्होंने कहा कि पिछले साल अप्रैल से चिनाब नदी की धारा में उतार-चढ़ाव को लेकर हमने भारत को चार बार पत्र लिखा, लेकिन वहां से अब तक कोई रिप्लाई नहीं आया है.

    'भारत की चुप्पी पाकिस्तान के लिए खतरा'

    इस्लामाबाद में एक सेमिनार को संबोधित करते हुए उन्होंने 1960 से जल बंटवारे समझौते का जिक्र किया. मेहर अली ने कहा कि चिनाब नदी के पानी के बहाव में होने वाला बदलाव पाकिस्तान के लिए रणनीतिक खतरा है. उन्होंने कहा, 'ऐसा क्यों हो रहा है इससे पीछे की वजह और प्रोजेक्ट्स से जुड़ा डेटा भारत को देना चाहिए. भारत इस मामले पर कोई जवाब नहीं दे रहा है और उसकी चुप्पी हमारे लिए खतरा है.'

    उन्होंने कहा, 'नदी के निचले हिस्से (डाउनस्ट्रीम) में मौजूद कोई भी जिम्मेदार देश या अधिकारी पानी के इस उतार-चढ़ाव को आम बात मानकर नजरअंदाज नहीं कर सकता, क्योंकि इससे नीचे रहने वाले लोगों की सुरक्षा जुड़ी है. सिंधु जल आयोग का गठन इन्हीं घटनाओं की जांच करने के लिए किया गया है. भारत की ओर से इस जल संधि को स्थगित रखने के बावजूद, पाकिस्तान ने पिछले साल इंटरनेशनल वर्ल्ड ट्रेड ऑर्गेनाइजेशन (आईडब्ल्यूटी) के तहत डेटा शेयर करने के चैनल को सक्रिय रखने की कोशिश की थी.'

    पाकिस्तान ने भारत से की ये मांगें

    डॉन की रिपोर्ट के मुताबिक मेहर अली शाह का आरोप है कि पाकिस्तान तो सिंधु जल संधि के नियमों का पूरी तरह पालन कर रहा है, लेकिन भारत की तरफ से कोई जवाब या सहयोग नहीं मिल रहा है. उन्होंने कहा, 'अगस्त 2023 के बाद से न तो कोई दौरा हुआ है और नहीं महीने के डाटे सौंपे गए हैं. इससे दोनों देशों के बीच तनाव बढ़ने का खतरा है.' सिंधु जल संधि को लेकर मेहर अली ने भारत से तीन मांगें की. पहला- भारत और पाकिस्तान के कमिशन की तुरंत बैठक बुलाई जाए. दूसरा- दोबारा पानी का डेटा शेयर करना शुरू हो. तीसरा- दोनों देशों के अधिकारियों के दौरे और निरीक्षण फिर से शुरू हों.'

    पानी के कंट्रोल को लेकर डरा पाकिस्तान

    पाकिस्तान ने आरोप लगाया है कि मराला बैराज से भारत अपने निचले रास्तों को फिर से खोल रहा है, जिससे वह जब चाहे अपनी मर्जी से बांध को खाली और दोबारा भर सकता है. पाकिस्तानी अधिकारी ने कह कि इससे पानी के बहाव पर भारत का पूरा कंट्रोल हो जाएगा, जो हमारे लिए बड़ा खतरा है. इसके अलावा पाकिस्तान ने चिनाब-ब्यास लिंक प्रोजेक्ट पर चिंता जताई है. इस प्रोजेक्ट के जरिए भारत चिनाब नदी से करीब 19 लाख एकड़ फीट पानी को मोड़ सकता है.

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